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छोटे कारोबार के लिए जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर: 2026 की चेकलिस्ट और डेमो में करने वाले टेस्ट
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संक्षेप में
छोटे कारोबार के लिए अच्छा जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर सबसे पहले पाँच काम सही करता है: आपूर्ति के स्थान से CGST + SGST या IGST खुद तय करता है, हर लाइन पर HSN या SAC छापता है, B2B बिल पर ग्राहक का GSTIN रखता है, हर बिल को सीधे आपकी बही में पोस्ट करता है, और GSTR-1 व GSTR-3B के ऐसे आँकड़े देता है जिन्हें आप बिल-दर-बिल जाँच सकें। उसके बाद ऑफ़लाइन बिलिंग, अपने-अपने GSTIN वाली शाखाएँ, स्टॉक, और — अगर टर्नओवर ₹5 करोड़ पार कर चुका है — ई-इनवॉइस का IRN कैसे बनेगा, यह पूछिए। यह चेकलिस्ट हर डेमो के लिए एक टेस्ट देती है।
जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर को असल में क्या करना है
“जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर” खोजिए तो सैकड़ों ऐप मिलेंगे जो टैक्स वाली एक साफ़-सुथरी इनवॉइस छाप देते हैं। छापना आसान हिस्सा है। मुश्किल हिस्सा वह है जो सेव दबाने के बाद होता है: कौन-सा GST लगा, वह किस खाते में गया, और क्या महीने के रिटर्न के आँकड़े बिलों से मेल खाते हैं।
इसलिए भारत में किसी भी बिलिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को सबसे पहले एक सवाल पर परखिए: क्या हर बिल सेव होते ही अकाउंटिंग प्रविष्टि बन जाता है, और उसमें GST अपने हिस्सों में बँटा होता है? अगर हाँ, तो GSTR-1 और GSTR-3B के आँकड़े उन्हीं बिलों की रिपोर्ट हैं जो आपने सच में बनाए। अगर नहीं, तो कोई रोज़ का जोड़ दोबारा चढ़ा रहा है, और फ़र्क़ तब दिखता है जब आपके CA मिलान करते हैं।
नीचे दिए गए नियम अक्टूबर 2026 की स्थिति के हैं और GST परिषद, CBIC और GST नेटवर्क से लिए गए हैं। अपनी ज़िम्मेदारियाँ अपने CA से पक्की कीजिए।
चेकलिस्ट
| ज़रूरत | क्या देखें | डेमो में टेस्ट |
|---|---|---|
| CGST + SGST बनाम IGST | टैक्स आपूर्ति के स्थान से तय हो, हर लाइन पर हाथ से न चुना जाए | एक ही सामान अपने राज्य के ग्राहक को और दूसरे राज्य के ग्राहक को बेचिए |
| मौजूदा दरें | 5%, 18% और 40% स्लैब, साथ में निल-रेटेड, छूट वाली और ज़ीरो-रेटेड; दरें सेटिंग हों | पूछिए कि नई दर कैसे जुड़ती है — सेटिंग से, अपडेट से नहीं |
| HSN / SAC | कोड प्रोडक्ट पर, हर लाइन पर छपे, टैक्स इनवॉइस पर HSN सारांश | तीन लाइन का इनवॉइस छापकर HSN कॉलम और सारांश पढ़िए |
| B2B और B2C बिल | B2B इनवॉइस पर ग्राहक का GSTIN; वॉक-इन ग्राहक के लिए तेज़ B2C बिल | दोनों तरह का एक-एक बिल बनाइए और B2B इनवॉइस का हेडर देखिए |
| बिल सीधे बही में | हर बिल एक संतुलित प्रविष्टि लिखे, GST अपने खातों में | अभी बनाए इनवॉइस के पीछे की अकाउंटिंग प्रविष्टि खोलिए |
| GSTR-1 और GSTR-3B | मासिक आँकड़े जो अपने दस्तावेज़ों तक खुलें | किसी आँकड़े पर क्लिक कीजिए और उसके बिल देखिए |
| क्रेडिट नोट और वापसी | GST सही हिस्सों में उलटे; रिटर्न के आँकड़ों में घटे | एक सामान वापस लीजिए और महीने का सारांश फिर खोलिए |
| ऑफ़लाइन बिलिंग | इंटरनेट जाने पर भी काउंटर पर बिल बनते रहें | कनेक्शन बंद करके एक बिक्री पूरी कीजिए |
| शाखाएँ और GSTIN | हर शाखा का अपना GSTIN, उसी शाखा के बिलों पर छपे | शाखा के स्टाफ़ से लॉग-इन करके दूसरी शाखा के बिल खोलने की कोशिश कीजिए |
| स्टॉक | हर बिल से स्टॉक घटे; शाखावार लो-स्टॉक अलर्ट | एक सामान बेचकर उसकी मौजूदा मात्रा देखिए |
| ई-इनवॉइसिंग (₹5 करोड़+) | IRN कैसे मिलेगा, इसका लिखित जवाब | लिखित में माँगिए; नीचे देखिए |
CGST + SGST या IGST: सॉफ्टवेयर तय करता है या आप?
भारत का GST राज्य के भीतर दो हिस्सों वाला टैक्स है और राज्यों के बीच एक ही टैक्स। अपने राज्य में बेचने पर बिल पर CGST और SGST आधी-आधी दर से लगते हैं — 18% बनता है 9% + 9%। दूसरे राज्य के ग्राहक को बेचने पर पूरी दर से IGST लगता है। 22 सितंबर 2025 से ज़्यादातर सामान और सेवाएँ 5% या 18% के स्लैब में हैं, और कुछ गिनी-चुनी वस्तुओं पर 40%।
जिस ग़लती से बचना है, वह है ऐसा सॉफ्टवेयर जिसमें स्टाफ़ हर लाइन पर ड्रॉपडाउन से “CGST/SGST” या “IGST” चुनता है। कभी न कभी कोई ग़लत चुनेगा, और वह ग़लती सीधे रिटर्न में जाएगी। सॉफ्टवेयर को यह आपूर्ति के स्थान से खुद तय करना चाहिए: आपकी शाखा का राज्य बनाम ग्राहक का राज्य, और ज़रूरत पड़ने पर दस्तावेज़ पर आपूर्ति का स्थान बदलने की सुविधा, जब माल कहीं और पहुँचाया जाए।
टेस्ट: एक ही सामान दो ग्राहकों को बेचिए, एक अपने राज्य में और एक बाहर। पहले इनवॉइस पर CGST + SGST और दूसरे पर IGST दिखना चाहिए, टैक्स कॉलम को किसी के छुए बिना।
Flowyana की स्थिति: राज्य के भीतर की दरें CGST + SGST के हिस्सों में और अंतर-राज्यीय दरें IGST के रूप में आती हैं, जो शाखा और ग्राहक के राज्य से तय होती हैं। दस्तावेज़ पर आपूर्ति का स्थान बदला जा सकता है, और हर हिस्सा अपने अलग खाते में पोस्ट होता है।
हर लाइन पर HSN और SAC कोड
हर सामान का HSN कोड और हर सेवा का SAC कोड होना चाहिए। CBIC अधिसूचना 78/2020 के तहत ₹5 करोड़ तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबार B2B टैक्स इनवॉइस पर कम से कम चार अंकों का HSN दिखाते हैं, और ₹5 करोड़ से ऊपर वाले छह अंकों का। कोड प्रोडक्ट पर दर्ज होना चाहिए, ताकि काउंटर पर कोई उसे टाइप न करे, और हर इनवॉइस लाइन पर HSN-वार सारांश के साथ छपना चाहिए।
एक बात अलग से पूछिए: GSTR-1 में अपनी एक HSN-वार सारांश तालिका होती है। पूछिए कि सॉफ्टवेयर उसे भरता है या आपके CA उसे तैयार करते हैं। Flowyana में HSN हर लाइन पर और टैक्स इनवॉइस पर HSN सारांश के साथ छपता है, लेकिन GSTR-1 सारांश में HSN तालिका शामिल नहीं है।
B2B और B2C इनवॉइस एक जैसे बिल नहीं हैं
B2B इनवॉइस उस GST-रजिस्टर्ड ग्राहक को जाता है जो उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेगा, इसलिए उस पर उसका GSTIN और पूरा ब्योरा होना चाहिए। B2C बिल उपभोक्ता को जाता है, अक्सर काउंटर से, जहाँ काग़ज़ी काम से ज़्यादा रफ़्तार मायने रखती है। आपके सॉफ्टवेयर को दो अलग सिस्टम चलाए बिना दोनों संभालने चाहिए: उधार पर ख़रीदने वाले व्यापारी के लिए सही टैक्स इनवॉइस, और वॉक-इन ग्राहक के लिए तेज़ रसीद।
टेस्ट: किसी रजिस्टर्ड ग्राहक का B2B इनवॉइस बनाइए और देखिए कि उसका GSTIN हेडर में छपता है, फिर काउंटर पर एक वॉक-इन बिक्री कीजिए और देखिए कि दोनों उसी दिन की बिक्री में आते हैं।
GSTR-1 और GSTR-3B: ऐसे सारांश जिन पर भरोसा हो
अक्टूबर 2026 तक, मासिक रिटर्न भरने वाले अगले महीने की 11 तारीख़ तक GSTR-1 (बाहरी आपूर्ति) और 20 तारीख़ तक GSTR-3B (सारांश रिटर्न और टैक्स भुगतान) भरते हैं; छोटे करदाता QRMP स्कीम में तिमाही रिटर्न भर सकते हैं। अच्छा सॉफ्टवेयर आपकी जगह फ़ाइल नहीं करता — वह GST पोर्टल पर होता है — लेकिन ऐसे आँकड़े देता है जो पहले से आपकी बही से मेल खाते हों।
दो सवाल पूछिए। पहला, क्या हर आँकड़ा उसके पीछे के बिलों तक खुलता है? जिस आँकड़े को आप ट्रेस न कर सकें, उसे आपके CA को फिर से बनाना पड़ता है। दूसरा, सारांश में क्या छूटता है? रिटर्न की कुछ तालिकाएँ आपकी बही से नहीं भरी जा सकतीं, और ईमानदार वेंडर बताता है कि कौन-सी।
Flowyana की स्थिति: टैक्स रिटर्न रिपोर्ट आपकी पोस्टिंग से हर महीने GSTR-1 बाहरी आपूर्ति सारांश और GSTR-3B सारांश देती है, मासिक रिटर्न भरने वालों के हिसाब से: हर दर पर कर-योग्य आपूर्ति, निर्यात और SEZ आपूर्ति, निल-रेटेड और छूट वाली आपूर्ति, रिवर्स चार्ज, इनपुट टैक्स क्रेडिट और कुल देय टैक्स। GSTR-1 सारांश में B2B और B2C आपूर्ति ग्राहक के हिसाब से अलग नहीं, बल्कि हर दर पर एक आँकड़ा है। जो तालिकाएँ बही से नहीं भरतीं, वे आपके लिए छोड़ दी जाती हैं। फ़ाइल करने के बाद आप महीना लॉक कर देते हैं ताकि उसके पीछे कुछ पोस्ट न हो।
कंपोज़िशन स्कीम पर एक बात
अगर आपका टर्नओवर छोटा है, तो हो सकता है आप कंपोज़िशन स्कीम में हों। अक्टूबर 2026 तक यह पिछले साल ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाले सामान के कारोबार (विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹75 लाख) और ₹50 लाख तक वाले सेवा प्रदाताओं के लिए खुली है। कंपोज़िशन डीलर ग्राहकों से GST नहीं वसूल सकते और इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं ले सकते; वे बिल ऑफ़ सप्लाई जारी करते हैं, CMP-08 से तिमाही टैक्स भरते हैं और साल में एक बार GSTR-4 भरते हैं।
इससे बिलिंग सॉफ्टवेयर से आपकी ज़रूरत बदल जाती है, इसलिए पहले ही बता दीजिए कि आप कंपोज़िशन डीलर हैं। Flowyana नियमित GST रजिस्ट्रेशन और टैक्स इनवॉइस के लिए बना है; इसमें अलग कंपोज़िशन मोड या बिल ऑफ़ सप्लाई दस्तावेज़ नहीं है, हालाँकि काउंटर की रसीद पर एक घोषणा पंक्ति छप सकती है।
काउंटर पर ऑफ़लाइन बिलिंग
बिलिंग स्क्रीन जितनी देर इंटरनेट का इंतज़ार करती है, दुकान उतनी बिक्री खोती है। काउंटर पर बिल बनाने वाले हर कारोबार को पूछना चाहिए कि कनेक्शन जाने पर क्या होता है, और इसे टेस्ट करना चाहिए। Flowyana का पीओएस ऑफ़लाइन भी बिल बनाता रहता है और कनेक्शन लौटते ही हर बिक्री को CGST और SGST अलग करके बही में भेज देता है। ऑफ़लाइन पीओएस गाइड बताती है कि यह रफ़्तार के दावों से ज़्यादा क्यों मायने रखता है।
एक से ज़्यादा शाखा, एक से ज़्यादा GSTIN
जिस कारोबार का गोदाम एक राज्य में और दुकान दूसरे राज्य में है, उसके हर राज्य में GSTIN होता है। आपके सॉफ्टवेयर में हर शाखा का अपना GSTIN होना चाहिए, जो उसी शाखा के बिलों पर छपे, और हर शाखा के अपने बिल, कैश सेशन और स्टाफ़ हों, जबकि आप हर शाखा और पूरा कारोबार दोनों देख सकें। Flowyana में हर शाखा का अपना GSTIN हो सकता है, स्टाफ़ को सिर्फ़ अपनी शाखा दिखती है, और रिपोर्ट शाखावार या मिलाकर पढ़ी जा सकती हैं।
स्टॉक जो बिल के साथ चले
जो बिलिंग सॉफ्टवेयर स्टॉक को नहीं छूता, उसमें यह जानने के लिए कि क्या बिका, आपको अलमारियाँ गिननी पड़ती हैं। हर बिल से स्टॉक घटना चाहिए, हर ख़रीद से बढ़ना चाहिए, और माल ख़त्म होने से पहले सिस्टम को चेतावनी देनी चाहिए। Flowyana इन्वेंटरी में एक प्रोडक्ट पर कई बारकोड और पैक साइज़, गोदाम और ट्रांसफ़र, और शाखावार लो-स्टॉक अलर्ट मिलते हैं।
ई-इनवॉइसिंग के बारे में क्या पूछें
अगर 2017–18 के बाद किसी भी वित्तीय वर्ष में आपका कुल टर्नओवर ₹5 करोड़ से ऊपर गया है, तो आपके B2B इनवॉइस, क्रेडिट नोट और डेबिट नोट भेजने से पहले इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रिपोर्ट करके IRN और QR कोड लेना ज़रूरी है। इससे नीचे ई-इनवॉइसिंग अनिवार्य नहीं है। इसलिए हर वेंडर से पूछिए: क्या आपका सॉफ्टवेयर IRN खुद लाता है, किसी जुड़े प्रदाता से, या बिल्कुल नहीं? जवाब लिखित में लीजिए।
हमारा जवाब: Flowyana IRN या ई-वे बिल नहीं बनाता। अगर आप सीमा से ऊपर हैं, तो ये काम सरकारी पोर्टल या उनसे जुड़े किसी प्रदाता से होते हैं। छोटे कारोबार के लिए ई-इनवॉइसिंग गाइड (अंग्रेज़ी में) नियम समझाती है, जिसमें 30 दिन की सीमा भी शामिल है।
क़ीमत, हिन्दी, और आगे क्या
देखिए कि क़ीमत में वह सब शामिल है जो आपको चाहिए — यूज़र, शाखाएँ, काउंटर — न कि कोई ऐसी सुविधा जिसके लिए बाद में अलग से पैसे देने पड़ें। भारत के लिए Flowyana के प्लान रुपये में इंडिया प्राइसिंग पेज पर प्रकाशित हैं। स्टाफ़ वर्कस्पेस हिन्दी या अंग्रेज़ी में चला सकता है। अगर आप Tally से आ रहे हैं, तो Flowyana बनाम TallyPrime तुलना दोनों के पक्ष की बात रखती है। भारत पेज बताता है कि भारतीय कारोबार के लिए क्या-क्या मिलता है, और लेखांकन और GST नीचे की बही समझाता है।
प्रोडक्ट में देखिए
Flowyana में यह कहाँ मिलता है
सवाल
इस गाइड के साथ यह भी पूछा जाता है।
2026 में छोटे कारोबार के लिए सबसे अच्छा जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर कौन-सा है?
वही जो आपके अपने तरह के बिलों पर आपके टेस्ट पास करे। डेमो में एक राज्य के भीतर और एक दूसरे राज्य का इनवॉइस बनाइए, CGST, SGST और IGST का बँटवारा और HSN कोड देखिए, फिर उस महीने के GSTR-1 और GSTR-3B आँकड़े खोलकर उन्हें बिलों तक ले जाइए। जो वेंडर — हम भी — यह लाइव नहीं दिखा सकता, उसे शॉर्टलिस्ट में नहीं होना चाहिए।
सिर्फ़ बिलिंग सॉफ्टवेयर काफ़ी है, या बिलिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर चाहिए?
अगर कोई दूसरा व्यक्ति आपके बिल दोबारा बही में चढ़ाता है, तो दोनों का हिसाब धीरे-धीरे अलग हो जाता है और पता रिटर्न के समय चलता है। बिलिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर हर बिल को सेव होते ही खातों में पोस्ट करता है, इसलिए GST सारांश, लाभ-हानि और ग्राहकों की बकाया राशि हमेशा आपके बिलों से मेल खाती है।
क्या Flowyana में CGST, SGST और IGST चलते हैं?
हाँ। राज्य के भीतर की आपूर्ति पर CGST + SGST और अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर IGST लगता है, जो शाखा के राज्य और ग्राहक के राज्य से तय होता है, और दस्तावेज़ पर आपूर्ति का स्थान बदला जा सकता है। हर हिस्सा अपने अलग खाते में पोस्ट होता है।
क्या Flowyana GSTR-1 और GSTR-3B बनाता है?
यह आपकी अपनी पोस्टिंग से हर महीने GSTR-1 और GSTR-3B के सारांश देता है, मासिक रिटर्न भरने वालों के हिसाब से, और हर आँकड़ा अपने दस्तावेज़ों तक खुलता है। GSTR-1 सारांश में B2B और B2C आपूर्ति हर दर पर एक ही आँकड़ा है, और HSN तालिका शामिल नहीं है। GST पोर्टल पर फ़ाइलिंग आप या आपके CA करते हैं।
क्या Flowyana GST ई-इनवॉइस (IRN) या ई-वे बिल बनाता है?
नहीं। Flowyana IRN या ई-वे बिल नहीं बनाता। अगर आपका टर्नओवर ई-इनवॉइसिंग की सीमा से ऊपर है, तो ये काम सरकारी पोर्टल या उनसे जुड़े किसी प्रदाता से होते हैं; कौन-सा आपके लिए ठीक है, यह अपने CA से पूछिए।
क्या Flowyana कंपोज़िशन स्कीम वाले डीलर के लिए ठीक है?
Flowyana नियमित GST रजिस्ट्रेशन के लिए बना है: ऐसे टैक्स इनवॉइस जिन पर GST लगता है। इसमें अलग कंपोज़िशन मोड या बिल ऑफ़ सप्लाई दस्तावेज़ नहीं है, हालाँकि काउंटर की रसीद पर एक घोषणा पंक्ति छप सकती है। अगर आप कंपोज़िशन स्कीम में हैं, तो ख़रीदने से पहले यह बात ध्यान से जाँच लीजिए।
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